कर्णप्रयागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
शेर सिंह दानू (BJS) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 50.4% वोट पाकर कर्णप्रयाग सीट जीती और राम प्रसाद (INC) को 4,242 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 7 केदारनाथ थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 7 बद्री केदार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शेर सिंह दानू 15.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शेर सिंह दानू Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 14,23150.4% |
| 2 | राम प्रसाद | 9,98935.4% | |
| 3 | कुंडी लाल | 1,4635.2% | |
| 4 | मनसा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0293.6% |
| 5 | उर्बी दत्त वाम दल | वाम दल | 9913.5% |
| 6 | बचन सिंह MAP | MAP | 5221.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJS, INC और BKD को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कर्णप्रयाग से कौन जीता, 1967–1969
BJS ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 25.7% से बढ़कर 35.2% हो गया।
- 1967वाई. प्रसाद (INC), जीत का अंतर 1.0%
- 1969शेर सिंह दानू (BJS), जीत का अंतर 15.0%