कवारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
जयदीप सिंह (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 34.8% वोट पाकर कवार सीट जीती और मोहम्मद यार खान (LKD) को 5,878 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 55 शेरगढ़ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 55 श्रीनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जयदीप सिंह | 25,84134.8% | |
| 2 | मोहम्मद यार खान Lok Dal | Lok Dal | 19,96326.9% |
| 3 | मोहिंदर प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 11,76315.8% |
| 4 | राम चव्हाण लाल | 6,3998.6% | |
| 5 | अत्तिराज सिंह जनता | जनता | 4,2735.8% |
| 6 | सुल्तान बेग निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3693.2% |
| 7 | कुन्दन लाल | 1,0301.4% | |
| 8 | कमर बेगम निर्दलीय | निर्दलीय | 9891.3% |
| 9 | मोहम्मद यासीन निर्दलीय | निर्दलीय | 7171.0% |
| 10 | महाबीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5780.8% |
| 11 | अमर नाथ गंगवार निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कवार से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 52.3% से बढ़कर 55.8% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974मिसर यार खान (BKD), जीत का अंतर 2.0%
- 1977आचार्य धर्म दत्त वैद्य (INC), जीत का अंतर 10.1%
- 1980जय दीप सिंह (IND), जीत का अंतर 5.0%
- 1985जयदीप सिंह (INC), जीत का अंतर 7.9%
- 1989भूपेन्द्र नाथ (IND), जीत का अंतर 9.8%
- 1991कुंवर सुरेन्द्र प्रताप सिंह (BJP), जीत का अंतर 21.9%
- 1993शराफत यार खान (SP), जीत का अंतर 2.4%
- 1996सुरेन्द्र प्रताप सिंह (BJP), जीत का अंतर 8.2%