शेरगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
धर्म दत्त (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 39.0% वोट पाकर शेरगढ़ सीट जीती और रेवा राम राणा (BKD) को 12,482 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 55 सनहा थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 55 कवार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — धर्म दत्त 20.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धर्म दत्त | 23,77239.0% | |
| 2 | रेवा राम राणा | 11,29018.5% | |
| 3 | महेन्द्र प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,42315.5% |
| 4 | भुवन चन्द्र स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 8,60814.1% |
| 5 | हरद्वारी लाल Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 6,42610.5% |
| 6 | गुलजारी निर्दलीय | निर्दलीय | 9031.5% |
| 7 | नाथू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5440.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शेरगढ़ से कौन जीता, 1967–1969
INC ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 59.1% से बढ़कर 60.6% हो गया।
- 1967एम. पी. सिंह (BJS), जीत का अंतर 5.1%
- 1969धर्म दत्त (INC), जीत का अंतर 20.5%