दादरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
महेन्द्र सिंह भाटी (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 33.7% वोट पाकर दादरी सीट जीती और विजय पाल सिंह (INC) को 1,553 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 387 अगोता थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 387 छपरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। महेन्द्र सिंह भाटी 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र सिंह भाटी Lok Dal | Lok Dal | 25,49233.7% |
| 2 | विजय पाल सिंह | 23,93931.7% | |
| 3 | देवेन्द्र जनता | जनता | 7,4339.8% |
| 4 | वीरपाल सिंह | 6,9709.2% | |
| 5 | नैन सिंह केन ICJ | ICJ | 6,9279.2% |
| 6 | लखपत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3881.8% |
| 7 | मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0301.4% |
| 8 | महेन्द्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7881.0% |
| 9 | छुट्टन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4710.6% |
| 10 | करण सिंह | 2920.4% | |
| 11 | बलजोर निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.4% |
| 12 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.3% |
| 13 | कानी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2160.3% |
| 14 | श्याम बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दादरी से कौन जीता, 1974–1996
LKD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 47.3% से बढ़कर 50.7% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974तेज सिंह (NCO), जीत का अंतर 2.9%
- 1977तेज सिंह (JNP), जीत का अंतर 40.5%
- 1980विजय पाल (INC(I)), जीत का अंतर 14.2%
- 1985महेन्द्र सिंह भाटी (LKD), जीत का अंतर 2.1%
- 1989महेन्द्र सिंह भाटी (JD), जीत का अंतर 16.5%
- 1991महेन्द्र सिंह भाटी (JD), जीत का अंतर 38.4%
- 1993समीर भाटी (JD), जीत का अंतर 2.2%
- 1996नवाब सिंह नागर (BJP), जीत का अंतर 13.3%