दादरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
महेन्द्र सिंह भाटी (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 55.9% वोट पाकर दादरी सीट जीती और बिहारी सिंह (JP) को 43,031 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 387 अगोता थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 387 छपरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — महेन्द्र सिंह भाटी 38.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र सिंह भाटी जनता दल | जनता दल | 62,55255.9% |
| 2 | बिहारी सिंह JP | JP | 19,52117.4% |
| 3 | जिले राम उर्फ़ जिले सिंह भाटी | 13,45512.0% | |
| 4 | प्रविण भाटी | 12,44211.1% | |
| 5 | राम किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1321.0% |
| 6 | दलवीर सिंह यादव | 8550.8% | |
| 7 | भूप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5910.5% |
| 8 | सूबे निर्दलीय | निर्दलीय | 5470.5% |
| 9 | फतेह सिंह उर्फ़ फत्तन निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.2% |
| 10 | छुट्टन सिंह | 1230.1% | |
| 11 | नेपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 12 | शौराज निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 13 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 14 | कप्तान निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 15 | देवेन्द्र खटाना निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 16 | नैन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 17 | अनिल निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 18 | होराम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, JP और INC को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दादरी से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.9% से बढ़कर 55.9% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 47.7% से बढ़कर 50.2% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974तेज सिंह (NCO), जीत का अंतर 2.9%
- 1977तेज सिंह (JNP), जीत का अंतर 40.5%
- 1980विजय पाल (INC(I)), जीत का अंतर 14.2%
- 1985महेन्द्र सिंह भाटी (LKD), जीत का अंतर 2.1%
- 1989महेन्द्र सिंह भाटी (JD), जीत का अंतर 16.5%
- 1991महेन्द्र सिंह भाटी (JD), जीत का अंतर 38.4%
- 1993समीर भाटी (JD), जीत का अंतर 2.2%
- 1996नवाब सिंह नागर (BJP), जीत का अंतर 13.3%