खुर्जाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बुधपाल सिंह खुर्जा वाला (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर खुर्जा सीट जीती और सुरेन्द्र शर्मा (LKD) को 3,291 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 379 खैर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 379 सरधना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बुधपाल सिंह खुर्जा वाला 4.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बुधपाल सिंह खुर्जा वाला | 27,81239.5% | |
| 2 | सुरेन्द्र शर्मा Lok Dal | Lok Dal | 24,52134.8% |
| 3 | रमेश चन्द्र | 12,59717.9% | |
| 4 | नैमपाल सिंह जनता | जनता | 1,2971.8% |
| 5 | श्री निवास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2111.7% |
| 6 | राम भरोसे निर्दलीय | निर्दलीय | 9541.4% |
| 7 | राम अवतार निर्दलीय | निर्दलीय | 8351.2% |
| 8 | रमेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 7231.0% |
| 9 | रमेश पाल | 2500.3% | |
| 10 | चंद्रपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खुर्जा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 36.6% से बढ़कर 45.2% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974ईश्वरी सिंह (INC), जीत का अंतर 5.8%
- 1977बनारसी दास (JNP), जीत का अंतर 28.8%
- 1980भूपाल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 4.9%
- 1985बुधपाल सिंह खुर्जा वाला (INC), जीत का अंतर 4.7%
- 1989रविन्द्र राघव उर्फ़ पप्पन (JD), जीत का अंतर 3.0%
- 1991हर पाल (IND), जीत का अंतर 16.9%
- 1993हरपाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.8%
- 1996हर पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 19.9%