खुर्जाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
हर पाल (निर्दलीय) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 40.8% वोट पाकर खुर्जा सीट जीती और अलाउद्दीन (BSP) को 14,352 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 379 खैर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 379 सरधना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हर पाल 16.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
31 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 34,54940.8% |
| 2 | अलाउद्दीन | 20,19723.9% | |
| 3 | अखलेश चन्द दास | 16,72819.8% | |
| 4 | उदय वीर निर्दलीय | निर्दलीय | 6,4557.6% |
| 5 | यश पाल JP | JP | 1,7372.0% |
| 6 | धर्म सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8801.0% |
| 7 | निर्मल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6210.7% |
| 8 | नरेन्द्र मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 5250.6% |
| 9 | हमेंद्र पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.4% |
| 10 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2660.3% |
| 11 | प्रिंस कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.3% |
| 12 | राम चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.3% |
| 13 | कृष्ण गोपाल सविता निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.2% |
| 14 | संतोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 15 | योगेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.2% |
| 16 | मनवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 17 | ए. के. बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.2% |
| 18 | गंजेंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 19 | अविनाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.2% |
| 20 | राम अवतार निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 21 | आनन्द पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 22 | राम वीर | 920.1% | |
| 23 | हाकिम निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 24 | वेद पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 25 | ढाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 26 | विजय प्रकाश सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 27 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 28 | कुशल पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 29 | असगर अली निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 30 | हसन अली निर्दलीय | निर्दलीय | 410.1% |
| 31 | मो. सादीक निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.72 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खुर्जा से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 47.8% से घटकर 45.0% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974ईश्वरी सिंह (INC), जीत का अंतर 5.8%
- 1977बनारसी दास (JNP), जीत का अंतर 28.8%
- 1980भूपाल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 4.9%
- 1985बुधपाल सिंह खुर्जा वाला (INC), जीत का अंतर 4.7%
- 1989रविन्द्र राघव उर्फ़ पप्पन (JD), जीत का अंतर 3.0%
- 1991हर पाल (IND), जीत का अंतर 16.9%
- 1993हरपाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.8%
- 1996हर पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 19.9%