सरवनखेड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
अजीत कुमार सिंह (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 24.1% वोट पाकर सरवनखेड़ा सीट जीती और मथुरा प्रसाद (ICJ) को 1,372 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 297 कल्याणपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 297 कायमगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सरवनखेड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,372 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजीत कुमार सिंह | 20,06824.1% | |
| 2 | मथुरा प्रसाद ICJ | ICJ | 18,69622.5% |
| 3 | प्रभु दयाल यादव Lok Dal | Lok Dal | 11,96314.4% |
| 4 | द्विजेंद्र नाथ शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 8,51310.2% |
| 5 | बलवान सिंह जनता | जनता | 6,1527.4% |
| 6 | रंजीत सिंह वाम दल | वाम दल | 4,7605.7% |
| 7 | मोहम्मद इब्राहिम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2165.1% |
| 8 | उग्रसेन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4951.8% |
| 9 | हर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1891.4% |
| 10 | मोहम्मद रशीद अनवर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1111.3% |
| 11 | राजेन्द्र सिंह चौहान | 7710.9% | |
| 12 | भीसम प्रसाद इंदुरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 7630.9% |
| 13 | शांति देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 6990.8% |
| 14 | राकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 5520.7% |
| 15 | मूलेंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.5% |
| 16 | गंगा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3540.4% |
| 17 | जय करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.4% |
| 18 | घासी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.4% |
| 19 | प्रेम नारायण मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.3% |
| 20 | प्रमोद कुमार मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.3% |
| 21 | राम सनेही | 1730.2% | |
| 22 | श्याम सुन्दर निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरवनखेड़ा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 50.0% से बढ़कर 53.8% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974बलवान सिंह (BKD), जीत का अंतर 5.1%
- 1977प्रभु दयाल यादव (JNP), जीत का अंतर 8.9%
- 1980अजीत कुमार सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 5.5%
- 1985अजीत कुमार सिंह (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1989प्रभु दयाल (JD), जीत का अंतर 4.6%
- 1991मथुरा प्रसाद पाल (JD), जीत का अंतर 1.3%
- 1993जसवंत सिंह (SP), जीत का अंतर 2.2%
- 1996मथुरा प्रसाद (BJP), जीत का अंतर 12.0%