सरवनखेड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मथुरा प्रसाद पाल (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 25.4% वोट पाकर सरवनखेड़ा सीट जीती और प्रभु दयाल यादव (JP) को 1,291 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 297 कल्याणपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 297 कायमगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सरवनखेड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,291 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मथुरा प्रसाद पाल जनता दल | जनता दल | 24,85225.4% |
| 2 | प्रभु दयाल यादव JP | JP | 23,56124.1% |
| 3 | संतोष शुक्ला | 21,89422.4% | |
| 4 | धीरेन्द्र प्रताप सिंह | 13,02713.3% | |
| 5 | राम स्वरूप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 10,95211.2% |
| 6 | गंगा प्रसाद | 1,2611.3% | |
| 7 | सुरेश सिंह उर्फ़ मुन्ना सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7060.7% |
| 8 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.3% |
| 9 | राम कृष्ण भास्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.3% |
| 10 | घासी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.3% |
| 11 | बलवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 12 | सतीश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 13 | राजीव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 14 | मो. असलम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 15 | राजा चन्द रावंशी | 1010.1% | |
| 16 | अतर सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरवनखेड़ा से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.3% से घटकर 25.4% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 52.5% से घटकर 51.7% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974बलवान सिंह (BKD), जीत का अंतर 5.1%
- 1977प्रभु दयाल यादव (JNP), जीत का अंतर 8.9%
- 1980अजीत कुमार सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 5.5%
- 1985अजीत कुमार सिंह (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1989प्रभु दयाल (JD), जीत का अंतर 4.6%
- 1991मथुरा प्रसाद पाल (JD), जीत का अंतर 1.3%
- 1993जसवंत सिंह (SP), जीत का अंतर 2.2%
- 1996मथुरा प्रसाद (BJP), जीत का अंतर 12.0%