सरसौलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
जौहरी लाल त्रिवेदी (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 45.4% वोट पाकर सरसौल सीट जीती और देवेन्द्र बहादुर सिंह (INC) को 820 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 293 चमनगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 293 उमर्दा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सरसौल का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 820 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जौहरी लाल त्रिवेदी Lok Dal | Lok Dal | 38,78045.4% |
| 2 | देवेन्द्र बहादुर सिंह | 37,96044.5% | |
| 3 | कृष्ण कुमार दीक्षित | 2,1222.5% | |
| 4 | लाल बिहारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4631.7% |
| 5 | देव नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3211.6% |
| 6 | सूरज श्रीष्णा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0411.2% |
| 7 | दया नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5020.6% |
| 8 | हवलदार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4870.6% |
| 9 | शकुन्तला निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.4% |
| 10 | मन्नु लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.4% |
| 11 | जगत नारायण गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.3% |
| 12 | भागीरथ यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.3% |
| 13 | ज्ञानेन्द्र बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.3% |
| 14 | धर्म पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.2% |
| 15 | इन्द्र पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
LKD, INC और BJP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरसौल से कौन जीता, 1974–1996
LKD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 51.3% से बढ़कर 52.3% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974राम औतार सिंह भदौरिया (INC), जीत का अंतर 0.0%
- 1977जौहरी लाल (JNP), जीत का अंतर 3.8%
- 1980देवेन्द्र बहादुर सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 15.8%
- 1985जौहरी लाल त्रिवेदी (LKD), जीत का अंतर 1.0%
- 1989जौहरी लाल त्रिवेदी (JD), जीत का अंतर 11.3%
- 1991जग राम सिंह यादव (JP), जीत का अंतर 1.4%
- 1993जगराम सिंह (SP), जीत का अंतर 11.0%
- 1996राम आसरे सिंह (BSP), जीत का अंतर 12.2%