सरसौलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
जग राम सिंह यादव (JP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 23.1% वोट पाकर सरसौल सीट जीती और जौहरी लाल त्रिवेदी (JD) को 1,331 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 293 चमनगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 293 उमर्दा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सरसौल का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,331 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जग राम सिंह यादव JP | JP | 21,70423.1% |
| 2 | जौहरी लाल त्रिवेदी जनता दल | जनता दल | 20,37321.7% |
| 3 | कल्पना रानी चन्देल | 17,56118.7% | |
| 4 | साधू राम कुशवाहा | 15,66016.6% | |
| 5 | अनिल कुमार सिंह चन्देल | 14,19215.1% | |
| 6 | महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9241.0% |
| 7 | समर जीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7130.8% |
| 8 | जय नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.5% |
| 9 | जगत पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2910.3% |
| 10 | बंस लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.3% |
| 11 | ठाकुर दया नाथ सिंह | 2820.3% | |
| 12 | रमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.3% |
| 13 | बदामा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.2% |
| 14 | हवलदार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.2% |
| 15 | अतर सिंह जादौन निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.2% |
| 16 | संतोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 17 | शिव मंगल सिंह कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.1% |
| 18 | नवाब सिंह कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 19 | रमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 20 | वीरेंद्र बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 21 | भिकराम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 22 | हीरा लाल पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरसौल से कौन जीता, 1974–1996
JP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 56.1% से घटकर 50.2% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974राम औतार सिंह भदौरिया (INC), जीत का अंतर 0.0%
- 1977जौहरी लाल (JNP), जीत का अंतर 3.8%
- 1980देवेन्द्र बहादुर सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 15.8%
- 1985जौहरी लाल त्रिवेदी (LKD), जीत का अंतर 1.0%
- 1989जौहरी लाल त्रिवेदी (JD), जीत का अंतर 11.3%
- 1991जग राम सिंह यादव (JP), जीत का अंतर 1.4%
- 1993जगराम सिंह (SP), जीत का अंतर 11.0%
- 1996राम आसरे सिंह (BSP), जीत का अंतर 12.2%