छानबेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
भगवती प्रसाद (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 69.8% वोट पाकर छानबे सीट जीती और सूर्यभान (निर्दलीय) को 22,807 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 266 राबर्ट्सगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 266 किशुनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भगवती प्रसाद 59.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भगवती प्रसाद | 26,81669.8% | |
| 2 | सूर्यभान निर्दलीय | निर्दलीय | 4,00910.4% |
| 3 | मकालू | 2,1435.6% | |
| 4 | त्रिवेणी उर्फ़ त्रिवेणी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8584.8% |
| 5 | हहगुन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1963.1% |
| 6 | मूर्तिनारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 9992.6% |
| 7 | फौजदार निर्दलीय | निर्दलीय | 8332.2% |
| 8 | अवध नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 5781.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
छानबे से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 30.7% से घटकर 24.5% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974पुरुषोत्तम दास (INC), जीत का अंतर 13.6%
- 1977पुरुषोत्तम दास (INC), जीत का अंतर 1.8%
- 1980पुरूषोत्तम (INC(I)), जीत का अंतर 37.5%
- 1985भगवती प्रसाद (INC), जीत का अंतर 59.3%
- 1989काली चरण (JD), जीत का अंतर 11.9%
- 1991दुलारे लाल (JD), जीत का अंतर 19.9%
- 1993श्री राम (BSP), जीत का अंतर 10.5%
- 1996भाई लाल (BJP), जीत का अंतर 0.7%