अमरोहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
मोहम्मद हयात (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 20.5% वोट पाकर अमरोहा सीट जीती और नसीम बेगम (INC) को 180 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 25 कांठ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 25 गुन्नौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अमरोहा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 180 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद हयात Lok Dal | Lok Dal | 18,51420.5% |
| 2 | नसीम बेगम | 18,33420.3% | |
| 3 | मंगल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 12,43813.8% |
| 4 | कमरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 9,93711.0% |
| 5 | यश पाल | 9,04210.0% | |
| 6 | बाबू राम यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6,4027.1% |
| 7 | आफताब अहमद जनता | जनता | 4,6415.1% |
| 8 | महेन्द्र कुमार पंखिया वाम दल | वाम दल | 1,8342.0% |
| 9 | लीलपत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8312.0% |
| 10 | शराफत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7581.9% |
| 11 | हर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0091.1% |
| 12 | प्रेम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 8060.9% |
| 13 | रूप राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7670.8% |
| 14 | इन्द्रेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7470.8% |
| 15 | अनूप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5500.6% |
| 16 | नरेन्द्र सिंह राणा निर्दलीय | निर्दलीय | 4460.5% |
| 17 | राम किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.3% |
| 18 | हंस राज बत्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.3% |
| 19 | जमील अहमद ICJ | ICJ | 2230.3% |
| 20 | अतहर अली खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.2% |
| 21 | अलिविन हमीद निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 22 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 23 | मंजू निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 55% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अमरोहा से कौन जीता, 1974–1996
LKD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 53.1% से बढ़कर 60.5% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974मोहम्मद हयात (INC), जीत का अंतर 12.5%
- 1977लीलवत सिंह (JNP), जीत का अंतर 8.4%
- 1980खुर्शीद अहमद (INC(I)), जीत का अंतर 17.6%
- 1985मोहम्मद हयात (LKD), जीत का अंतर 0.2%
- 1989मोहम्मद हयात (JD), जीत का अंतर 9.6%
- 1991प्रताप सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.6%
- 1993हाजी मुहम्मद हयात (JD), जीत का अंतर 1.9%
- 1996मंगल सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.5%