अमरोहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
प्रताप सिंह (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 38.4% वोट पाकर अमरोहा सीट जीती और मोहम्मद हयात (JD) को 14,716 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 25 कांठ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 25 गुन्नौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रताप सिंह | 44,92338.4% | |
| 2 | मोहम्मद हयात जनता दल | जनता दल | 30,20725.8% |
| 3 | अफसर खान JP | JP | 17,75115.2% |
| 4 | समर पाल सिंह | 13,24911.3% | |
| 5 | कुमरुद्दीन | 8,5927.3% | |
| 6 | विकिर अहमद ICS(SCS) | ICS(SCS) | 8660.7% |
| 7 | खालिद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.2% |
| 8 | ऋषि पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.1% |
| 9 | विजय सिंह | 1360.1% | |
| 10 | साकिव हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 11 | मुज़ीव अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 12 | महेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 13 | राजेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 14 | मुजम्मिल नबी निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 15 | आफताव अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 16 | कैलाश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 17 | हर पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 18 | मश्क़ूर अहमद कुरैशी निर्दलीय | निर्दलीय | 510.0% |
| 19 | प्रेम नारायण गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 490.0% |
| 20 | काका जोगिंद्र सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
| 21 | गिरीश त्यागी निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 22 | लाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
| 23 | शोरम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
| 24 | खुर्शीद अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 25 | तियासतुल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 26 | मोहम्मद अयाज़ निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अमरोहा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 59.3%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974मोहम्मद हयात (INC), जीत का अंतर 12.5%
- 1977लीलवत सिंह (JNP), जीत का अंतर 8.4%
- 1980खुर्शीद अहमद (INC(I)), जीत का अंतर 17.6%
- 1985मोहम्मद हयात (LKD), जीत का अंतर 0.2%
- 1989मोहम्मद हयात (JD), जीत का अंतर 9.6%
- 1991प्रताप सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.6%
- 1993हाजी मुहम्मद हयात (JD), जीत का अंतर 1.9%
- 1996मंगल सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.5%