मुबारकपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
हफीज भारती (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 16.5% वोट पाकर मुबारकपुर सीट जीती और यशवंत (JNP) को 812 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 218 अतरौलिया थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 218 जखनिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मुबारकपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 812 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हफीज भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 13,65516.5% |
| 2 | यशवंत जनता | जनता | 12,84315.5% |
| 3 | दूध नाथ | 11,57814.0% | |
| 4 | कृष्ण पाल ICJ | ICJ | 10,46412.7% |
| 5 | ईशदत्त Lok Dal | Lok Dal | 9,95612.1% |
| 6 | जय नारायण चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 7,0568.5% |
| 7 | राम प्रभाव वाम दल | वाम दल | 3,2614.0% |
| 8 | अंगद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1253.8% |
| 9 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4172.9% |
| 10 | संत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8482.2% |
| 11 | जगर नाथ | 1,4651.8% | |
| 12 | नंदा मौर्य | 7530.9% | |
| 13 | ए. हमीद निर्दलीय | निर्दलीय | 7440.9% |
| 14 | विक्रमा निर्दलीय | निर्दलीय | 6640.8% |
| 15 | वीरेन्द्र तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5460.7% |
| 16 | कैलाश नाथ पाण्डेय ICS | ICS | 5250.6% |
| 17 | परमानंद प्रसाद जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4640.6% |
| 18 | बोहोर निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.5% |
| 19 | विभूति राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.3% |
| 20 | प्रेम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.3% |
| 21 | मोती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.2% |
| 22 | प्यारे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 46% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 8.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुबारकपुर से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1980 के 47.8% से बढ़कर 50.3% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।