अतरौलियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
जंग बहादुर सिंह (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 30.1% वोट पाकर अतरौलिया सीट जीती और मारकण्डे (SSP) को 5,522 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 218 नत्थूपुर थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 218 मुबारकपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जंग बहादुर सिंह | 18,78630.1% | |
| 2 | मारकण्डे | 13,26421.3% | |
| 3 | भगवती प्रसाद | 13,21021.2% | |
| 4 | दया राम भास्कर | 11,90119.1% | |
| 5 | सभाजीत सिंह Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 3,7956.1% |
| 6 | जगन्नाथ दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 7261.2% |
| 7 | देवेश्वर नन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 6441.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अतरौलिया से कौन जीता, 1967–1969
INC ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 50.6% से बढ़कर 55.1% हो गया।
- 1967मारकण्डे (SSP), जीत का अंतर 4.9%
- 1969जंग बहादुर सिंह (INC), जीत का अंतर 8.9%