गोन्डाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
रघु प्रसाद उपाध्याय (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 55.1% वोट पाकर गोन्डा सीट जीती और विष्णु पाल सिंह (BJP) को 17,866 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 161 सादुल्लानगर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 161 खलीलाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रघु प्रसाद उपाध्याय 33.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रघु प्रसाद उपाध्याय | 29,85555.1% | |
| 2 | विष्णु पाल सिंह | 11,98922.1% | |
| 3 | यासीन उर्फ़ आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9745.5% |
| 4 | विश्वनाथ प्रसाद पाण्डेय जनता | जनता | 2,3804.4% |
| 5 | काशी सिंह वाम दल | वाम दल | 1,9463.6% |
| 6 | भानु प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ़ भानु बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4232.6% |
| 7 | प्रमोद कुमार Lok Dal | Lok Dal | 1,2362.3% |
| 8 | शिव राज निर्दलीय | निर्दलीय | 4510.8% |
| 9 | श्रीकान्त द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.6% |
| 10 | पुजारी उर्फ़ पूजा राम सोनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.6% |
| 11 | हैदर अली निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.5% |
| 12 | अहमद रहीमुद्दीन उर्फ़ मामो निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.5% |
| 13 | रविन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ गुइने भैया निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.4% |
| 14 | सुरेश दत्त सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.4% |
| 15 | चिरंजी लाल चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.3% |
| 16 | विजय प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 990.2% |
| 17 | जंग बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 900.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोन्डा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 36.1% से बढ़कर 37.7% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974त्रिवेणी सहाय (BJS), जीत का अंतर 5.8%
- 1977फजूलाल बारी उर्फ़ बोने भाई (JNP), जीत का अंतर 22.0%
- 1980रघु राज प्रसाद उपाध्याय (INC(I)), जीत का अंतर 20.1%
- 1985रघु प्रसाद उपाध्याय (INC), जीत का अंतर 33.0%
- 1989रघुराज प्रसाद उपाध्याय (INC), जीत का अंतर 6.1%
- 1991तुलसी दास (BJP), जीत का अंतर 32.3%
- 1993तुलसी दास राय चंदाणी (BJP), जीत का अंतर 18.2%
- 1996विनोद कुमार सिंह उर्फ़ पंडित सिंह (SP), जीत का अंतर 8.6%