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उत्तर प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 111

सरेनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985

सुरेन्द्र बहादुर सिंह (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 66.3% वोट पाकर सरेनी सीट जीती और सुनीता चौहान (INC) को 33,354 वोटों से हराया।

1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 111 का नाम सरेनी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 111 चांदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

सुरेन्द्र बहादुर सिंह
IND
निर्दलीय 66.3%INC 30.2%5 अन्य 3.5%
मिले वोट
61,269
मतों का 66.3%
जीत का अंतर
33,354
कुल वोटों का 36.1%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
59.0%
1,56,696 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — सुरेन्द्र बहादुर सिंह 36.1% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
सुरेन्द्र बहादुर सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
61,26966.3%
2
सुनीता चौहान
27,91530.2%
3
दुर्गा शंकर
1,1241.2%
4
कमल किशोर
निर्दलीय
निर्दलीय
7450.8%
5
संत लाल
जनता
जनता
6500.7%
6
राधा कृष्ण
निर्दलीय
निर्दलीय
4160.5%
7
राम मनोहर सिंह
2990.3%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
36.1%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
59%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
असल में दो दल

एक निर्दलीय और INC को 97% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.88

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
425 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 213

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
66.3%निर्दलीय की जीत
निर्दलीय 66.3%INC 30.2%अन्य 3.5%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

सरेनी से कौन जीता, 1974–1996

एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 28.1% से बढ़कर 59.0% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।

  1. 1974शिवा शंकर सिंह (INC), जीत का अंतर 8.2%
  2. 1977सुनीता चौहान (INC), जीत का अंतर 5.8%
  3. 1980सुनीता चौहान (INC(I)), जीत का अंतर 33.5%
  4. 1985सुरेन्द्र बहादुर सिंह (IND), जीत का अंतर 36.1%
  5. 1989इन्द्रेश विक्रम (INC), जीत का अंतर 12.9%
  6. 1991गिरीश नारायण पाण्डेय (BJP), जीत का अंतर 0.6%
  7. 1993गिरीश नारायण पांडे (BJP), जीत का अंतर 1.6%
  8. 1996अशोक कुमार सिंह (SP), जीत का अंतर 4.5%