अहिरोरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
मन्नी लाल (INC) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर अहिरोरी सीट जीती और शम्भू दयाल (JNP) को 7,340 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 85 का नाम अहिरोरी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 85 लखनऊ पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मन्नी लाल 17.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मन्नी लाल | 18,63044.0% | |
| 2 | शम्भू दयाल जनता | जनता | 11,29026.7% |
| 3 | राम सेवक निर्दलीय | निर्दलीय | 7,63518.0% |
| 4 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4053.3% |
| 5 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3033.1% |
| 6 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 9212.2% |
| 7 | गया प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6681.6% |
| 8 | कुंवर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4981.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अहिरोरी से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1974 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.5% से बढ़कर 44.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 1974 के 43.3% से घटकर 37.8% रह गया। इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।