मुजफ्फरनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
सईद मुर्तजा (BKD) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 32.5% वोट पाकर मुजफ्फरनगर सीट जीती और केशव गुप्ता (INC) को 3,069 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 410 सरधना थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 410 बघरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सईद मुर्तजा 4.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सईद मुर्तजा | 21,66532.5% | |
| 2 | केशव गुप्ता | 18,59627.9% | |
| 3 | मालती शर्मा Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 15,16122.8% |
| 4 | मोहम्मद अफजाल KMP | KMP | 5,8258.8% |
| 5 | मान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7492.6% |
| 6 | राम किशन मित्तल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3372.0% |
| 7 | तारा चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 8371.3% |
| 8 | हरबीर PBI | PBI | 4240.6% |
| 9 | बलजीत सिंह MAP | MAP | 3710.6% |
| 10 | विजेन्द्र पाल | 3180.5% | |
| 11 | ज्ञान प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.2% |
| 12 | भोपाल सिंह जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1974 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1974 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुजफ्फरनगर से कौन जीता, 1967–1969
BKD ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 60.9% से बढ़कर 69.0% हो गया।
- 1967वी. स्वरूप (IND), जीत का अंतर 1.4%
- 1969सईद मुर्तजा (BKD), जीत का अंतर 4.6%