सिकंदराबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
वीरेन्द्र स्वरूप (निर्दलीय) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 24.5% वोट पाकर सिकंदराबाद सीट जीती और किशन लाल निसंक (BKD) को 3,531 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 389 डिबाई थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 389 मुरादनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वीरेन्द्र स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 16,40724.5% |
| 2 | किशन लाल निसंक | 12,87619.2% | |
| 3 | सुख देव सिंह | 8,07512.0% | |
| 4 | शिव रानी | 6,73510.0% | |
| 5 | अमर सिंह Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 6,69410.0% |
| 6 | पदम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,2029.3% |
| 7 | पुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9475.9% |
| 8 | महेन्द्र | 2,8634.3% | |
| 9 | छज्जू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7642.6% |
| 10 | जय देव शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 7821.2% |
| 11 | हरपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.6% |
| 12 | तेजेश्वर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3210.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 56% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकंदराबाद से कौन जीता, 1967–1969
1967 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1967 के 54.4% से बढ़कर 56.5% हो गया।
- 1967आर.सी. विकल (IND), जीत का अंतर 9.4%
- 1969वीरेन्द्र स्वरूप (IND), जीत का अंतर 5.3%