विक्रमजोतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
सुखपाल पाण्डेय (PSP) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 25.4% वोट पाकर विक्रमजोत सीट जीती और बिंदबासिनी प्रसाद सिंह (INC) को 464 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 169 पहाड़ापुर थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 169 रामनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
विक्रमजोत का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 464 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुखपाल पाण्डेय | 12,74725.4% | |
| 2 | बिंदबासिनी प्रसाद सिंह | 12,28324.5% | |
| 3 | राम किशोर सिंह स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 9,33418.6% |
| 4 | राम शंकर सिंह | 6,24812.5% | |
| 5 | कैलासा | 3,6047.2% | |
| 6 | भगवान दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1844.4% |
| 7 | उमा नाथ पाण्डेय Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 2,1134.2% |
| 8 | गिरधारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0382.1% |
| 9 | राम लखन मिश्र PBI | PBI | 5751.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
विक्रमजोत से कौन जीता, 1967–1969
PSP ने यह सीट SWA से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 51.4% से घटकर 45.3% रह गया।
- 1967आर. किशोर (SWA), जीत का अंतर 19.1%
- 1969सुखपाल पाण्डेय (PSP), जीत का अंतर 0.9%