लखनऊ मध्यविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
इम्तियाज हुसैन (BKD) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 31.1% वोट पाकर लखनऊ मध्य सीट जीती और त्रिलोकी सिंह (INC) को 369 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 102 लखनऊ शहर पूर्व थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 102 लखनऊ पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लखनऊ मध्य का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 369 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इम्तियाज हुसैन | 15,14831.1% | |
| 2 | त्रिलोकी सिंह | 14,77930.3% | |
| 3 | कुंवर शांति प्रकाश Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 12,35625.3% |
| 4 | मोहम्मद ऐजाज रिज़वी MAP | MAP | 5,25810.8% |
| 5 | ज्ञानेन्द्र नाथ निगम | 5321.1% | |
| 6 | यासीन अली खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4040.8% |
| 7 | मैयादीन साहू (बुंदेल) KMP | KMP | 1460.3% |
| 8 | कुंवर एस. एस. जौहरी निर्दलीय | निर्दलीय | 990.2% |
| 9 | अनीस अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लखनऊ मध्य से कौन जीता, 1967–1969
BKD ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 55.7% से घटकर 48.6% रह गया।
- 1967एस. के. विद्यार्थी (BJS), जीत का अंतर 20.7%
- 1969इम्तियाज हुसैन (BKD), जीत का अंतर 0.8%