पिथौरागढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
नरेन्द्र सिंह (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 45.1% वोट पाकर पिथौरागढ़ सीट जीती और मोहन सिंह चन्द (BJS) को 2,124 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 10 चंपावत थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 10 अल्मोड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन्द्र सिंह | 12,90545.1% | |
| 2 | मोहन सिंह चन्द Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 10,78137.7% |
| 3 | शमशेर सिंह | 1,7926.3% | |
| 4 | मनोहर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0833.8% |
| 5 | माधवा नन्द MAP | MAP | 1,0543.7% |
| 6 | गौरी दत्त | 5371.9% | |
| 7 | करम सिंह भंडारी निर्दलीय | निर्दलीय | 4481.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJS और BKD को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिथौरागढ़ से कौन जीता, 1967–1969
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.9% से घटकर 45.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 25.1% से बढ़कर 28.7% हो गया।
- 1967एन. एस. बिष्ट (INC), जीत का अंतर 19.6%
- 1969नरेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 7.4%