मिश्रिखविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
आर. बहादुर (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 31.8% वोट पाकर मिश्रिख सीट जीती और ए. कुमार (SSP) को 2,514 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 81 बारी थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 81 का नाम अब भी मिश्रिख है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। आर. बहादुर 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. बहादुर | 16,41931.8% | |
| 2 | ए. कुमार | 13,90526.9% | |
| 3 | सी.एल. यादव Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 13,24225.6% |
| 4 | वी. गिरी स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 3,3786.5% |
| 5 | आर. पूरन | 1,9353.8% | |
| 6 | बी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4632.8% |
| 7 | आर. प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 8321.6% |
| 8 | एस. राम | 4920.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मिश्रिख से कौन जीता, 1967–1969
इसके बाद 1969 के चुनाव में यह सीट SSP ने जीती।
- 1967आर. बहादुर (INC), जीत का अंतर 4.9%
- 1969अवधेश कुमार (SSP), जीत का अंतर 3.2%