भवनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
आर.सी. सिंह (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 38.6% वोट पाकर भवन सीट जीती और एम. सिंह (SSP) को 327 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 413 जानसठ थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 413 नकुड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
भवन का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 327 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर.सी. सिंह | 21,50938.6% | |
| 2 | एम. सिंह | 21,18238.0% | |
| 3 | ओ. प्रकाश Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 5,77110.4% |
| 4 | के. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8925.2% |
| 5 | बी. पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4564.4% |
| 6 | लखपत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8653.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1974 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1974 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भवन से कौन जीता, 1967–1969
इसके बाद 1969 के चुनाव में यह सीट BKD ने जीती।
- 1967आर.सी. सिंह (INC), जीत का अंतर 0.6%
- 1969राव अब्दुर रफ़ी खान (BKD), जीत का अंतर 26.6%