करछनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
एस. दीन (निर्दलीय) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 33.3% वोट पाकर करछना सीट जीती और के. प्रसाद (INC) को 2,466 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 273 अहरौरा थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 273 सोरांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 16,06633.3% |
| 2 | के. प्रसाद | 13,60028.2% | |
| 3 | के. प्रकाश | 10,39321.5% | |
| 4 | आर.एन. सिंह | 2,4135.0% | |
| 5 | के.डी. शर्मा स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 1,7753.7% |
| 6 | टी. प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7623.6% |
| 7 | एस. द्विवेदी Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 1,3912.9% |
| 8 | एल. कान्त निर्दलीय | निर्दलीय | 8541.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
करछना से कौन जीता, 1967–1969
इसके बाद 1969 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1967एस. दीन (IND), जीत का अंतर 5.1%
- 1969राम किशोर शुक्ला (INC), जीत का अंतर 8.6%