मानीरामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
ए. नाथ (निर्दलीय) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर मानीराम सीट जीती और डी. पी. पाण्डेय (INC) को 6,707 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 191 चिल्लूपार थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 191 सिसवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए. नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 24,74648.1% |
| 2 | डी. पी. पाण्डेय | 18,03935.1% | |
| 3 | महातम Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 2,5455.0% |
| 4 | सताई | 2,2414.4% | |
| 5 | सुभाष | 1,8433.6% | |
| 6 | जे. प्रसाद वाम दल | वाम दल | 1,2722.5% |
| 7 | एस. चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 7131.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और BJS को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मानीराम से कौन जीता, 1967–1969
इसके बाद 1969 के चुनाव में यह सीट HMS ने जीती।
- 1967ए. नाथ (IND), जीत का अंतर 13.1%
- 1969अविद्या नाथ (HMS), जीत का अंतर 5.4%