पेंचारथलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
अरुण कु., चाकमा (CPM) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर पेंचारथल सीट जीती और निरुपमा चाकमा (INC) को 2,073 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 58 धर्मनगर थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 58 पानीसागर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अरुण कु., चाकमा वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 12,86348.5% |
| 2 | निरुपमा चाकमा | 10,79040.7% | |
| 3 | कर्णधन चाकमा AMB | AMB | 2,4949.4% |
| 4 | ज्ञान बिकाश चाकमा | 3701.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और AMB को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पेंचारथल से कौन जीता, 1977–2008
CPM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1993 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 48.5%। यह 1983 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 72.7% से घटकर 71.5% रह गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।