पेंचारथलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
रत्ना प्रभा दास (निर्दलीय) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 34.8% वोट पाकर पेंचारथल सीट जीती और मोहन लाल चाकमा (CPM) को 343 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 58 धर्मनगर थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 58 पानीसागर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। रत्ना प्रभा दास 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रत्ना प्रभा दास निर्दलीय | निर्दलीय | 5,34334.8% |
| 2 | मोहन लाल चाकमा वाम दल | वाम दल | 5,00032.6% |
| 3 | तेमिया कुमार देवान TUS | TUS | 4,99332.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, CPM और TUS को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पेंचारथल से कौन जीता, 1977–2008
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 68.8% से बढ़कर 76.5% हो गया। इसके बाद 1988 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।