भरतपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
आर. पी. शर्मा (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 34.1% वोट पाकर भरतपुर सीट जीती और लक्ष्मी चन्द अग्रवाल (BJP) को 3,024 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 72 सपोटरा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 72 डीग-कुम्हेर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। आर. पी. शर्मा 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. पी. शर्मा | 28,49934.1% | |
| 2 | लक्ष्मी चन्द अग्रवाल | 25,47530.4% | |
| 3 | राम किशन जनता दल | जनता दल | 20,47124.5% |
| 4 | उदय सिंह सैनी | 3,0403.6% | |
| 5 | बने सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1401.4% |
| 6 | हरि राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0231.2% |
| 7 | राज कुमार यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5530.7% |
| 8 | तेजेन्द्र उर्फ़ जितेन्द्र चतुर्वेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 4700.6% |
| 9 | जीता सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3750.5% |
| 10 | भगत प्रसाद कटारा निर्दलीय | निर्दलीय | 3550.4% |
| 11 | राम प्रसाद कटारा निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.4% |
| 12 | शिव कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.3% |
| 13 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.3% |
| 14 | रमेश चन्द कैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.2% |
| 15 | निर्भय सिंह | 2020.2% | |
| 16 | गम्मन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 17 | राजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 18 | अरुण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 19 | कुन्दन लाल जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 20 | भीम सिंह (भगत) निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 21 | गोपाल प्रसाद अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 22 | सोहन लाल गुलपाड़िया | 750.1% | |
| 23 | टिकेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 24 | शिया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 25 | तेज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 26 | जगदीश अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 400.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भरतपुर से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 46.1% से बढ़कर 53.1% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।