संगरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
गुरजंट सिंह (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 30.3% वोट पाकर संगरिया सीट जीती और शिव प्रकाश (BJP) को 8,053 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 5 गंगानगर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 5 रायसिंहनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुरजंट सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 35,08530.3% |
| 2 | शिव प्रकाश | 27,03223.3% | |
| 3 | हेत राम बेनीवाल वाम दल | वाम दल | 22,79619.7% |
| 4 | ज्ञान प्रकाश | 22,47319.4% | |
| 5 | दलीप सिंह मारवाल | 5,8535.0% | |
| 6 | देश राज अरोड़ा | 6440.6% | |
| 7 | दाना राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5420.5% |
| 8 | चन्द्र भान निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.3% |
| 9 | पवन कु. मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.3% |
| 10 | मालू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.2% |
| 11 | हरजिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.2% |
| 12 | दौलत राम दूधवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.2% |
| 13 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
संगरिया से कौन जीता, 1977–2003
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1990 के 60.8% से बढ़कर 70.1% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।