सुजानगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
रामेश्वर लाल भाटी (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर सुजानगढ़ सीट जीती और भंवरलाल मेघवाल (INC) को 1,732 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 17 सरदारशहर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 17 डूंगरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुजानगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,732 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामेश्वर लाल भाटी | 44,30548.1% | |
| 2 | भंवरलाल मेघवाल | 42,57346.2% | |
| 3 | श्यामलाल नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5202.7% |
| 4 | मोहन राम | 1,1061.2% | |
| 5 | कानाराम कांतिवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6700.7% |
| 6 | हरदेवाराम जनता दल | जनता दल | 5180.6% |
| 7 | बोदूराम सांसी निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.3% |
| 8 | अर्जुनलाल रेगर निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुजानगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 55.2% से बढ़कर 58.2% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।