सुजानगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
चुनी लाल मेघवाल (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 52.4% वोट पाकर सुजानगढ़ सीट जीती और भंवर लाल (INC) को 5,302 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 17 सरदारशहर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 17 डूंगरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चुनी लाल मेघवाल | 35,35952.4% | |
| 2 | भंवर लाल | 30,05744.6% | |
| 3 | कुरडा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8301.2% |
| 4 | प्रकाश तेजस्वी (मेहतर) निर्दलीय | निर्दलीय | 4460.7% |
| 5 | नन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4260.6% |
| 6 | भगोती प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.3% |
| 7 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुजानगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 48.9% से बढ़कर 57.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।