सूरतगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
अमर चन्द मिढ़ा (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 39.2% वोट पाकर सूरतगढ़ सीट जीती और सुनील बिश्नोई (INC) को 17,811 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 11 बीकानेर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 11 भादरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमर चन्द मिढ़ा | 72,81039.2% | |
| 2 | सुनील बिश्नोई | 54,99929.6% | |
| 3 | बलराम वर्मा वाम दल | वाम दल | 38,84220.9% |
| 4 | डूगर राम गेदर | 10,8575.8% | |
| 5 | सुरजन सिंह भट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3211.3% |
| 6 | खूब चन्द नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 9020.5% |
| 7 | आर्य सूर्य पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8940.5% |
| 8 | प्रियाग चन्द गोरिसरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 7120.4% |
| 9 | जगदीश प्रसाद | 4470.2% | |
| 10 | लब्भू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3430.2% |
| 11 | महावीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.2% |
| 12 | तारा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3330.2% |
| 13 | नरेश अरोड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 3080.2% |
| 14 | मुकुल शाह निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.1% |
| 15 | लक्ष्मण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.1% |
| 16 | किस्तूरा राम भाटी निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.1% |
| 17 | इकबाल अहमद भाटी निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.1% |
| 18 | जसवंत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.1% |
| 19 | विनोद सेतिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 20 | दिलत्तम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 21 | माना राम निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 22 | जेनेंदर कुमार (सोनी) निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूरतगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 51.8% से बढ़कर 57.0% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।