जौहरी बाजारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
काली चरण सराफ (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 42.3% वोट पाकर जौहरी बाजार सीट जीती और तकीउद्दीन अहमद (INC) को 2,552 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 42 फागी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 42 शाहपुरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। काली चरण सराफ 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काली चरण सराफ | 28,19842.3% | |
| 2 | तकीउद्दीन अहमद | 25,64638.5% | |
| 3 | अहमद बख्श निर्दलीय | निर्दलीय | 8,61212.9% |
| 4 | पांचू राम बैरवा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4412.2% |
| 5 | प्रवीण चन्द जैन वाम दल | वाम दल | 1,0591.6% |
| 6 | गोरधन लाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.4% |
| 7 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.3% |
| 8 | एम. इब्राहिम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.3% |
| 9 | अब्दुल गफूर ICS | ICS | 1770.3% |
| 10 | उदय नारायण गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.2% |
| 11 | जसवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.2% |
| 12 | विष्णु शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.2% |
| 13 | काना राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 14 | एम. सय्यद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 15 | हीरा चन्द जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 16 | गुल मोहम्मद Lok Dal | Lok Dal | 590.1% |
| 17 | मोहम्मद फ़य्याज़ुद्दीन क़ुरैशी निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 18 | आर. के. गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 19 | मोहम्मद हनीफ निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 20 | अनिल शाह निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जौहरी बाजार से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 45.6% से घटकर 42.0% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।