फागीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
जयकिशन (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 46.8% वोट पाकर फागी सीट जीती और शिव करण (SWA) को 2,804 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 42 कठूमर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 42 जौहरी बाजार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जयकिशन कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 18,41746.8% |
| 2 | शिव करण महागठबंधन | महागठबंधन | 15,61339.7% |
| 3 | हरिशंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3215.9% |
| 4 | राम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4273.6% |
| 5 | रामपाल गोठवाल | 1,2363.1% | |
| 6 | जमना प्रसाद महागठबंधन | महागठबंधन | 3240.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SWA और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फागी से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट SWA से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 48.4% से बढ़कर 49.2% हो गया।
- 1967एल.आर. सुलानिया (SWA), जीत का अंतर 28.9%
- 1972जयकिशन (INC), जीत का अंतर 7.1%