मेड़ताविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
नाथू राम (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 63.2% वोट पाकर मेड़ता सीट जीती और बाबू खान वारसी (INC) को 22,399 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 199 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 199 खानपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नाथू राम 28.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नाथू राम Lok Dal | Lok Dal | 50,26163.2% |
| 2 | बाबू खान वारसी | 27,86235.0% | |
| 3 | धर्मेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 6420.8% |
| 4 | नेम राज निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.4% |
| 5 | पृथ्वी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.3% |
| 6 | सुखा निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 7 | वीरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
LKD और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मेड़ता से कौन जीता, 1977–2003
LKD ने यह सीट INC(U) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 59.3% से बढ़कर 69.7% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।