मेड़ताविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
मांगी लाल दंगा (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 32.1% वोट पाकर मेड़ता सीट जीती और भंवर सिंह डांगावास (BJP) को 2,363 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 199 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 199 खानपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मांगी लाल दंगा 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मांगी लाल दंगा | 30,48332.1% | |
| 2 | भंवर सिंह डांगावास NDA | NDA | 28,12029.6% |
| 3 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 22,37423.6% |
| 4 | सूरज अरोड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 7,4317.8% |
| 5 | सुशील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3863.6% |
| 6 | सत्य नारायण सिंह राजपुरोहित RJVP | RJVP | 2,5802.7% |
| 7 | चम्पा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6020.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मेड़ता से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 58.1% से बढ़कर 69.1% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।