कोलायतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
देवी सिंह (JNP(JP)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 42.4% वोट पाकर कोलायत सीट जीती और खतुरिया कान्ता दास (INC(I)) को 1,903 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 14 छापर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 14 बीकानेर पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। देवी सिंह 2.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवी सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 29,48642.4% |
| 2 | खतुरिया कान्ता दास | 27,58339.7% | |
| 3 | राम कृष्ण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 9,99614.4% |
| 4 | भीम सिंह JNP(SC) | JNP(SC) | 1,1891.7% |
| 5 | कन्हैया लाल सोढा निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.5% |
| 6 | अर्जुन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.5% |
| 7 | बिहारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.4% |
| 8 | गोपाल गहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.2% |
| 9 | हरि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 10 | अमर सुख मेघवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP(JP), INC(I) और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोलायत से कौन जीता, 1977–2003
JNP(JP) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 46.5% से बढ़कर 53.1% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट JNP ने जीती।