कोलायतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
देवी सिंह भाटी (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर कोलायत सीट जीती और रघुनाथ सिंह भाटी (INC) को 1,609 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 14 छापर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 14 बीकानेर पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कोलायत का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,609 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवी सिंह भाटी NDA | NDA | 58,32737.1% |
| 2 | रघुनाथ सिंह भाटी | 56,71836.1% | |
| 3 | कन्हैया लाल झंवर निर्दलीय | निर्दलीय | 34,91522.2% |
| 4 | पाबूदान सिंह | 1,9041.2% | |
| 5 | यशोवर्धन सिंह घंटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1710.8% |
| 6 | बनवारी लाल | 1,0790.7% | |
| 7 | बिजेन्द्र सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7790.5% |
| 8 | सही राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7200.5% |
| 9 | रमन लाल शर्मा | 6830.4% | |
| 10 | मांगी लाल | 5150.3% | |
| 11 | डॉ. चोरू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोलायत से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.5% से घटकर 37.1% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 54.2% से बढ़कर 56.7% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट RSNM ने जीती।