लूणकरणसरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
मालू राम लेघा (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 41.6% वोट पाकर लूणकरणसर सीट जीती और माणिक चन्द सुराणा (JNP(JP)) को 7,410 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 12 कोलायत थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 12 खाजूवाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मालू राम लेघा | 25,62441.6% | |
| 2 | माणिक चन्द सुराणा JNP(JP) | JNP(JP) | 18,21429.6% |
| 3 | माम राज JNP(SC) | JNP(SC) | 16,23926.4% |
| 4 | मोहन लाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 6341.0% |
| 5 | हनुमान प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.6% |
| 6 | यासीन निर्दलीय | निर्दलीय | 2990.5% |
| 7 | कन्हैया लाल गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लूणकरणसर से कौन जीता, 1977–2003
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 50.3% से घटकर 47.5% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट JNP ने जीती।