लूणकरणसरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
भीम सैन (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 48.9% वोट पाकर लूणकरणसर सीट जीती और माणिक चन्द (BJP) को 6,212 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 12 कोलायत थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 12 खाजूवाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। भीम सैन 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भीम सैन | 84,69448.9% | |
| 2 | माणिक चन्द NDA | NDA | 78,48245.3% |
| 3 | लाल चन्द | 4,0662.4% | |
| 4 | अब्दुल गफ़ार | 2,1091.2% | |
| 5 | सीता राम | 1,9911.1% | |
| 6 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6460.9% |
| 7 | धर्म वीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लूणकरणसर से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.1% से बढ़कर 48.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 48.7% से बढ़कर 58.6% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।