सूरतगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
योगेन्द्र नाथ (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 72.0% वोट पाकर सूरतगढ़ सीट जीती और हरचंद सिंह (निर्दलीय) को 36,228 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 9 लक्ष्मणगढ़ थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 9 रायसिंहनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — योगेन्द्र नाथ 55.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | योगेन्द्र नाथ वाम दल | वाम दल | 46,93072.0% |
| 2 | हरचंद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 10,70216.4% |
| 3 | मोती राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,8639.0% |
| 4 | जेसवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9771.5% |
| 5 | हीरा लाल महागठबंधन | महागठबंधन | 5350.8% |
| 6 | अभिमन्यु निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूरतगढ़ से कौन जीता, 1967–1972
CPI ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 61.2% से घटकर 58.4% रह गया।
- 1967एम. सिंह (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 1972योगेन्द्र नाथ (CPI), जीत का अंतर 55.6%