फिरोजपुर कैंटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
जनमेजा सिंह (SAD) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 52.0% वोट पाकर फिरोजपुर कैंट सीट जीती और रविन्द्र सिंह (INC) को 8,505 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 96 बुढलाडा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 96 मानसा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जनमेजा सिंह BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 54,98052.0% |
| 2 | रविन्द्र सिंह UPA | UPA | 46,47544.0% |
| 3 | प्रदीप कुमार | 1,6651.6% | |
| 4 | पवन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6370.6% |
| 5 | कुलविंदर सिंह NDA | NDA | 6270.6% |
| 6 | जसबीर सिंह भुल्लर | 5740.5% | |
| 7 | कान्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.3% |
| 8 | कुलवंत राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 9 | पूरन चन्द APP | APP | 1790.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फिरोजपुर कैंट से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; SAD ने यहाँ पिछली बार 1997 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 2002 के 72.6% से बढ़कर 83.6% हो गया।