रामपुरा फूलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
गुरप्रीत सिंह कांगर (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 48.4% वोट पाकर रामपुरा फूल सीट जीती और सिकन्दर सिंह मलूका (SAD) को 2,259 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 113 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 113 घनौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
रामपुरा फूल का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,259 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुरप्रीत सिंह कांगर UPA | UPA | 57,28448.4% |
| 2 | सिकन्दर सिंह मलूका NDA | NDA | 55,02546.5% |
| 3 | अमरीक सिंह | 1,9911.7% | |
| 4 | भरपूर सिंह | 1,4461.2% | |
| 5 | गुरप्रीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7720.7% |
| 6 | जगसीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5450.5% |
| 7 | जसवीर कौर निर्दलीय | निर्दलीय | 4570.4% |
| 8 | गुरदित्ता सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.1% |
| 9 | राजिंदर सिंह DBSP | DBSP | 1780.1% |
| 10 | सुखदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.1% |
| 11 | सिकन्दर सिंह पुत्र राम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 12 | सिकन्दर सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और SAD को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामपुरा फूल से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1992 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 73.2% से बढ़कर 86.5% हो गया।