Anandpur Sahib - Roparविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1997
तारा सिंह (SAD) ने 1997 के विधान सभा चुनाव में 47.2% वोट पाकर Anandpur Sahib - Ropar सीट जीती और रमेश दत्त शर्मा (INC) को 6,044 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 66 लुधियाना उत्तर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 66 गिल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तारा सिंह BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | 37,87847.2% |
| 2 | रमेश दत्त शर्मा | 31,83439.7% | |
| 3 | निर्मल सिंह | 9,72112.1% | |
| 4 | सुरजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8391.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD, INC और BSP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
Anandpur Sahib - Ropar से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1992 में जीता था; SAD ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1992 के 30.4% से बढ़कर 63.3% हो गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।