Anandpur Sahib - Roparविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
तारा सिंह (SAD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 36.8% वोट पाकर Anandpur Sahib - Ropar सीट जीती और गुरवीर सिंह (INC) को 930 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 66 लुधियाना उत्तर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 66 गिल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
Anandpur Sahib - Ropar का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 930 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तारा सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 20,63836.8% |
| 2 | गुरवीर सिंह | 19,70835.2% | |
| 3 | रमेश दत्त | 8,88115.8% | |
| 4 | बलदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6272.9% |
| 5 | सेवा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6252.9% |
| 6 | करतार चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0741.9% |
| 7 | बलबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6081.1% |
| 8 | सुरिंदर पाल भूंबला निर्दलीय | निर्दलीय | 4280.8% |
| 9 | चरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.5% |
| 10 | राम किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.4% |
| 11 | हरनेक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.4% |
| 12 | बन्टू निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.4% |
| 13 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.3% |
| 14 | राम सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.3% |
| 15 | जसवंत सिंह पंगालिया निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 16 | साधू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
Anandpur Sahib - Ropar से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 61.9% से बढ़कर 65.0% हो गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।