बुढलाडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1997
हरदेव सिंह (CPI) ने 1997 के विधान सभा चुनाव में 49.3% वोट पाकर बुढलाडा सीट जीती और हरबंत सिंह (SAD) को 6,449 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 116 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 116 समाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरदेव सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 47,46949.3% |
| 2 | हरबंत सिंह BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | 41,02042.6% |
| 3 | मेहल सिंह | 7,0587.3% | |
| 4 | गुरदेव कौर निर्दलीय | निर्दलीय | 5290.6% |
| 5 | बलदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 6 | दलीप कौर निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, SAD और SAD(M) को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बुढलाडा से कौन जीता, 1977–2007
CPI ने 1992 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.6% से बढ़कर 49.3% हो गया। मतदान प्रतिशत 1992 के 16.8% से बढ़कर 77.6% हो गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में यह सीट SAD ने जीती।