बुढलाडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
परषोत्तम सिंह (SAD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 40.6% वोट पाकर बुढलाडा सीट जीती और बोघ सिंह (INC) को 6,933 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 116 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 116 समाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | परषोत्तम सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 25,48440.6% |
| 2 | बोघ सिंह | 18,55129.6% | |
| 3 | हरदेव सिंह वाम दल | वाम दल | 17,10327.2% |
| 4 | परषोत्तम दास निर्दलीय | निर्दलीय | 6701.1% |
| 5 | गुरतेज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.6% |
| 6 | मोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3580.6% |
| 7 | राम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2430.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बुढलाडा से कौन जीता, 1977–2007
1977 से यहाँ हर चुनाव SAD ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.0% से घटकर 40.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 70.0% से घटकर 68.2% रह गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।